Ladki Bahin Yojana E-KYC महाराष्ट्र सरकार की अत्यंत लोकप्रिय और महिलाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हुई ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ को लेकर राज्य सरकार ने एक और बड़ी राहत दी है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने आधिकारिक घोषणा की है कि योजना के लिए अनिवार्य eKYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया को पूरा करने की समय सीमा, जो पहले 31 मार्च 2026 को समाप्त हो रही थी, उसे अब बढ़ाकर 30 अप्रैल 2026 कर दिया गया है।
यह निर्णय उन लाखों महिलाओं के लिए संजीवनी की तरह है जो तकनीकी दिक्कतों या आवेदन में हुई गलतियों के कारण अपनी किस्तें रुकने के डर में थीं।
eKYC की समय सीमा क्यों बढ़ाई गई? Ladki Bahin Yojana E-KYC
समय सीमा बढ़ाने के पीछे सरकार के पास कई ठोस कारण थे:
- तकनीकी बाधाएं: 31 मार्च की समय सीमा के करीब आने पर वेबसाइट और पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण सर्वर में तकनीकी दिक्कतें आईं, जिससे कई महिलाएं प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं।
- विकल्पों के चयन में गलती: कई महिलाओं ने eKYC के दौरान अनजाने में यह गलत विकल्प चुन लिया था कि उनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है। इस एक गलती की वजह से उनकी 1,500 रुपये की मासिक किस्त स्वतः ही बंद हो गई थी।
- फर्जी लाभार्थियों की छंटनी: सरकार इस अतिरिक्त समय का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए करना चाहती है कि केवल पात्र और जरूरतमंद महिलाएं (जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है) ही लाभ उठाएं और अपात्र लोगों को बाहर किया जा सके।
अब तक की प्रगति और लाभ
महाराष्ट्र की लगभग 1.7 करोड़ महिलाओं ने अब तक सफलतापूर्वक अपना eKYC पूर्ण कर लिया है। जिन महिलाओं का डेटा सही पाया गया है, उन्हें फरवरी और मार्च की किस्तें जारी की जा रही हैं। 30 अप्रैल तक का समय मिलने से अब शेष लाभार्थी भी अपनी जानकारी दुरुस्त कर सकेंगे ताकि उनकी रुकी हुई सहायता राशि फिर से शुरू हो सके।
उत्तर प्रदेश: अष्टमी और रामनवमी पर शक्तिपीठों में गूंजेगा ‘मानस’ का पाठ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में इस वर्ष चैत्र नवरात्रि के समापन अवसर पर प्रदेश भर में विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की तैयारी की गई है। इस बार अष्टमी (5 अप्रैल) और रामनवमी (6 अप्रैल) के पावन पर्व पर प्रदेश के सभी प्रमुख शक्तिपीठों, राम मंदिरों और देवी मंदिरों में श्रीरामचरितमानस का 24 घंटे का अखंड पाठ आयोजित किया जाएगा।
आयोजन की मुख्य विशेषताएं:
- समय और पूर्णता: यह पाठ 5 अप्रैल दोपहर से शुरू होकर 6 अप्रैल को अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर में श्रीरामलला के सूर्य तिलक के समय पूर्ण होगा।
- भजन मंडलियों को प्रोत्साहन: चयनित भजन मंडलियों को इस विशेष सेवा के लिए 5,000 रुपये का मानदेय प्रदान किया जाएगा। कलाकारों का चयन संस्कृति विभाग की ई-डायरेक्टरी से किया गया है।
- महिला सशक्तिकरण: सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन आयोजनों में महिलाओं और बालिकाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए।
- जागरूकता अभियान: मंदिरों के माध्यम से महिला सुरक्षा और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वयं बलरामपुर के देवीपाटन शक्तिपीठ का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। यह आयोजन आस्था के साथ-साथ लोक संस्कृति और महिला सम्मान को जोड़ने का एक अनूठा प्रयास है।