LPG Gas Dilevery Ruls देश के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी में हो रही देरी को लेकर उपभोक्ताओं के बीच कुछ चिंताएं देखी गई हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इस स्थिति पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि देश में रसोई गैस के स्टॉक की कोई कमी नहीं है। हालांकि, कुछ तकनीकी और व्यवहारिक कारणों से डिलीवरी के समय में हल्का बदलाव आया है। सरकार ने नागरिकों से धैर्य बनाए रखने और पैनिक बुकिंग न करने की अपील की है ताकि सप्लाई चैन पर अतिरिक्त दबाव न पड़े और सभी को समय पर गैस मिल सके।
डिलीवरी के समय में बदलाव और ओटीपी (OTP) की अनिवार्यता LPG Gas Dilevery Ruls
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, पहले जहां गैस सिलेंडर की डिलीवरी बुकिंग के 2 से 3 दिनों के भीतर हो जाती थी, अब इसमें 4 से 5 दिनों का समय लग सकता है। यह देरी मुख्य रूप से उपभोक्ताओं द्वारा की जा रही अतिरिक्त बुकिंग के कारण सिस्टम पर बढ़े दबाव की वजह से है। सुरक्षा की दृष्टि से अब डिलीवरी के समय ओटीपी साझा करना अनिवार्य कर दिया गया है। जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आए, तभी उसे अपने पंजीकृत मोबाइल पर आया ओटीपी बताएं। इससे न केवल धोखाधड़ी रुकती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होता है कि सिलेंडर सही लाभार्थी तक पहुँचा है।
सिलेंडर बुकिंग के लिए निर्धारित नई समयसीमा
गैस की कालाबाजारी रोकने और समान वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बुकिंग के अंतराल को लेकर सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों का पालन करना हर उपभोक्ता के लिए जरूरी है:
- शहरी क्षेत्र: शहर में रहने वाले उपभोक्ता एक सिलेंडर प्राप्त करने के बाद अगली बुकिंग कम से कम 25 दिनों के अंतराल के बाद ही कर सकते हैं।
- ग्रामीण क्षेत्र: ग्रामीण इलाकों में यह समयसीमा 45 दिन निर्धारित की गई है।
इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिनके पास वास्तव में गैस खत्म होने वाली है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर डिलीवरी मिल सके। यदि आप समय सीमा से पहले बुकिंग का प्रयास करते हैं, तो सिस्टम उसे स्वीकार नहीं करेगा।
सप्लाई चैन पर पैनिक बुकिंग का असर
हालिया आंकड़ों के अनुसार, गैस की कमी की अफवाहों के चलते बुकिंग में लगभग 60 प्रतिशत की असामान्य बढ़ोतरी देखी गई है। कई उपभोक्ता सिलेंडर पूरी तरह खत्म होने से काफी पहले ही रिफिल बुक कर रहे हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी देशों के तनाव के बावजूद भारत के पास एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। अनावश्यक और समय से पहले की गई बुकिंग ही वर्तमान में डिलीवरी में होने वाली 2 दिनों की अतिरिक्त देरी का मुख्य कारण है।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्देश
गैस डिलीवरी की प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है। हमेशा अपनी गैस एजेंसी के आधिकारिक ऐप या नंबर से ही बुकिंग करें। डिलीवरी के समय सिलेंडर की सील और वजन की जांच अवश्य करें। यदि आपको डिलीवरी में 5 दिन से अधिक का समय लग रहा है, तो आप अपनी एजेंसी के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दें ताकि नकदी के लेन-देन में होने वाली समस्याओं से बचा जा सके।
सरकार और तेल कंपनियां स्थिति को सामान्य करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। संयम और सही जानकारी के साथ आप इस अस्थायी समस्या के समाधान में सहयोग कर सकते हैं।
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